वो पल – शिशिर मधुकर

तेरे बिन रह नहीं पाते तुझे हर पल जताते हैं
तभी तो हाले दिल ए सनम तुझको बताते हैं

मुझे ख़ुदगर्ज समझे और कहीं तू रूठ ना जाए
मधुर आवाज़ दें के इसलिए तुझको मनाते हैं

डोर गर हाथ ना सौंपे तो कोई क्या करे बोलो
बड़े मन से सभी आशिक पतंग अपनी उड़ाते हैं

मेरे दिल की सदा को जान लो तुम बात से मेरी
तेरी बाँहों के हसीं घेरे मुझको अक्सर बुलाते हैं

लाख सोचा किया मधुकर ना मुझको याद तू आए
तेरे आगोश के वो पल मगर अब ना भुलाते हैं

शिशिर मधुकर

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    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/01/2019

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