आमने-सामने ।

चल, फिर वही ज़ख़्म उधेड़ के, लुत्फ़ उठाते हैं…!
इक मुद्दत बाद हम फिर से, आमने-सामने हैं…!

मार्कण्ड दवे । दिनांकः २६-०१-२०१९.

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  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 29/01/2019

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