नेमत – शिशिर मधुकर

दिल की बातें किस से कह दें मीत न कोई मेरा है
तन्हाई ने मुझको तो बस ज़िन्दगी में घेरा है

बन के साथी साथ में जो आया है मेरे जीवन में
सुख चैन का वो ही केवल असली यहाँ लुटेरा है

अपनों को जो गिरा के नीचे गैरों का गुणगान करे
खुशियों का उस घर में देखो होता नहीं बसेरा है

लाख दिखाया नैनॊं को पर सुख की कोई आस नहीं
चित्रकार ने कौन नज़ारा देखो यहाँ उकेरा है

क्या कर लेगा मधुकर उसका नेमत को जो न समझे
स्वपन सलोना खुद के हाथों उसने सदा बिखेरा है

शिशिर मधुकर

4 Comments

  1. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 22/01/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/01/2019
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 29/01/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/01/2019

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