पुरुष जीवन-Bhawana kumari

नारी जीवन है कठिन तो,
पुरुष जीवन भी आसान नहीं।
रोजी-रोटी के जुगाड़ में,
दिन -रात भटकते रहते है ।
कभी किसी से कुछ ना कहते,
अंदर ही अंदर घुटते रहते है ।
माँ-बाप परिवार के खुशियों के खातिर,
सारे ग़मों को चुपचाप पीते रहते है ।
मुश्किलें चाहे कैसी भी क्यों न हो,
हर वक़्त मुस्कुराते रहते है ।

भावना कुमारी

4 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 29/01/2019
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 02/02/2019
  2. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 02/02/2019

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