याद की यारी ।

आँख बहुत भारी है, पलकें ग़म की मारी है…!
सोऊँ कैसे जब, नींद से याद की यारी है…!

मार्कण्ड दवे । दिनांकः १९-०१-२०१९.

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 23/01/2019
    • Markand Dave Markand Dave 27/01/2019

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