मुहब्बत का असर – शिशिर मधुकर

मुझको एहसास है तुमने मुझे एकदम भुलाया है
तेरी खुशबू का झोंका कब से न मेरे पास आया है

भले तुम भूल जाओ मैं तुम्हें हरगिज़ ना भूलुँगा
जो वादा कर दिया मैंने यहाँ सबसे निभाया है

ख्वाब को दोष क्या देना उसमें आना तेरा लाजिम
तेरी तस्वीर को पलकों में जो मैंने बिठाया है

अगर मौका मिले तुम देख लो दीवार ए दिल मेरी
एक तेरे नाम को मैंने नहीं अब तक मिटाया है

मुहब्बत का असर तुम पे है क्या तुम आईना देखो
नूर एक चेहरे पे मधुकर तेरे हरदम नुमाया है

शिशिर मधुकर

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 23/01/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/01/2019

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