फ़रेबे-हुस्न ।

फ़रेबे – हुस्न के जलवे, देखे हैं लगातार दिल ने…!
इक वो है कि, लहूलुहान हो कर भी, मानता नहीं…!

मार्कण्ड दवे । दिनांकः १३-०१-२०१९.

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 17/01/2019
    • Markand Dave Markand Dave 19/01/2019

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