दिल की बात

(1)

वो  जो  ख्वाब मिला, आंखों को  मेरी, अब  नही मरता

कभी जो दिल को थी,उससे शिकायत,अब नहीं करता

कहो  जाकर  उसे, जो  छोड़  कर, मुझको  चला  गया

बसी  तस्वीर  जिसमें,  उसमें  आँसू,  अब  नही  भरता

(2)

सभी ऐहसास पर, अपने बड़ा, अधिकार करते है

नई दवाओं से, ये दिल का फिर, उपचार करते है

कोई जो प्यार से, दो बात ही, उनसे अगर कर ले

पुराने घाव  सारे,  भूल कर,  फिर  प्यार करते  है

(3)

जो हो  प्यासा  कभी बादल, तो धरती को निहारेगा

जो  हारा हो मोहब्बत में, कभी  वो  फिर  न हारेगा

भले  साजिश  करे  कोई, बने  मोहब्बत  में  दीवार

वो अपने प्यार की खातिर, तूफानों को भी पालेगा

(4)

न जाने  अजनबी  इक मेरे अंदर  कौन  रहता है

जानता सब भली भांति है  लेकिन मौन रहता है

दिखाता  चेहरे  पर  है  हँसी  वो सामने  सब  के

मगर तन्हाई के आँसू को आखिर कौन सहता है

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 14/01/2019

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