ग़म ।

आता था हमें भी, रो कर ग़म को बहलाना..!
तेरी बदनामी के ड़र ने, हमें रोक लिया…!

मार्कण्ड दवे । दिनांकः ०८-०१-२०१९.

4 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 11/01/2019
    • Markand Dave Markand Dave 12/01/2019
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 11/01/2019
    • Markand Dave Markand Dave 12/01/2019

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