टूट जाता मैं ।

हर वक़्त ख़ुशी की, उम्मीद जगाता है…!
ग़म न होता तो शायद, टूट जाता मैं…!

मार्कण्ड दवे । दिनांकः ०९-०१-२०१९.

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 11/01/2019
    • Markand Dave Markand Dave 12/01/2019

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