ख़ामोशी ।

तेरी ख़ामोशी ने, मेरे भी होंठ सी लिए…!
ए लफ्ज़ अब मर भी जाओ, तुम बहुत जी लिए…!

मार्कण्ड दवे । दिनांकः ०८-०१-२०१९.

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 09/01/2019
    • Markand Dave Markand Dave 10/01/2019

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