शायर बनाया आपने : रामगोपाल सांखला ‘गोपी’

शायर बनाया आपने

नादान अनाडी को प्रेम का पाठ पढाया आपने

अपने रिश्‍ते को भी अनाम रिश्‍ता बताया आपने

अंधियारे दिल में जलाकर प्रेम की अगन

अचानक ही दिया प्‍यार का बुझाया आपने

 

कभी प्‍यार भरा गीत भी गाया आपने

तनहा दिल में दीपक प्‍यार का जलाया आपने

जमाने का डर है या यह बेरूखी आपकी

यूं राह दिखाकर भी रास्‍ता भुलाया आपने

 

मोहब्‍बत की राह पर चलना सिखाया आपने

दिल में चराग-ए-इश्‍क को जलना सिखाया आपने

सब जानकर भी रहते हो बेखबर इस तरह

इस दिल-ए-नादान को यूं ही रूलाया आपने

 

यूं बिना बोले भी मन ही मन समझाया आपने

अपने मौन से ही अनकही कथा को कहलाया आपने

इस दीन दुनियां से निराली है दुनियां आपकी

जग में रहकर जग को ही भुलाया आपने

 

प्रेमपथ के पथिक को यह पथ दिखाया आपने

इस संकरी प्रेमगली को अग्निपथ बताया आपने

पग पग पर इम्तिहान लेती है जिन्‍दगी

हर परीक्षा से पार पाना सिखाया आपने

 

मंद-मंद मुस्‍कान से यूं भरमाया आपने

कलेजे पर नश्‍तर चले जब शरमाया आपने

यूं नजरें उठाना और उठाकर झुकाना

इन्‍ही अदाओं से तो दिल चुराया आपने

 

कभी मुंह से खुलकर नहीं बोला आपने

राज-ए-दिल को कभी नहीं खोला आपने

हम तो लुटाते रहे अल्‍फाज का खजाना

जब जब भी हमारा मन टटोला आपने

 

लगता है अपने जज्‍बातों को दबाया आपने

यूं अपनों से ही अपनापन छुपाया आपने

नहीं बयां करते आप अपनी भावनाएं

खुद का राजदार खुद ही को बनाया आपने

 

तन मन वचन में सौन्‍दर्य पाया आपने

अपनी खुशबु से गुलशन महकाया आपने

आप हो मेरे मन की अनुपम अद्भुत देवी

अपने मन को ही मन्दिर बनाया आपने

 

प्‍यारी कही अनकही बातों से बहलाया आपने

पुराने जख्‍मों पर जैसे मरहम लगाया आपने

यूं ही खाली पडा था दिल का आशियाना

बसकर इसमें चार चांद लगाया आपने

 

मेरे मन की कल्‍पनाओं को मोड दिया आपने

फिर बीच मझधार में लाकर छोड दिया आपने

आपको शायद नहीं है, मुझे तो आपसे है

इस ‘प्‍यार’ को सदा ही काव्‍य समझा आपने

 

गुलाब खुद बने तो मुझे भंवरा बनाया आपने

रूप रंग मकरंद से बेहद भरमाया आपने

शब्‍द भ्रम में पडे कवि को पूछता कौन है

झट से उपवन छोड चले बहुत सताया आपने

 

मेरी प्रेरणा बनकर काव्‍य को परवान चढाया आपने

हर एक रचना पर यूं उत्‍साह बढाया आपने

मेरी हिन्‍दी में हुआ उर्दू का दाखिला इस तरह

पहले तो मैं कवि था शायर बनाया आपने

 

रामगोपाल सांखला ‘गोपी’

8 Comments

  1. Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 04/01/2019
  2. davendra87 davendra87 05/01/2019
    • Ram Gopal Sankhla रामगोपाल सांखला 17/01/2019
    • Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 17/01/2019
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 05/01/2019
    • Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 30/01/2019
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 07/01/2019
    • Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 30/01/2019

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