नूतन वर्ष – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

हंसकर करो विदाई भैया
नये का करो सगाई
कोई नही रुशवाई भैया
इनको करो अगुवाई।

नूतन हो या साल पुराना
सबसे गले मिलाई
मत करना तूं दोषारोपन
सबकी लाज बचाई।

कोई रोया कोई हंसा भी
किस्मत जैसी पाई
बिना किए बिन मेहनत
मिलता कहाँ मलाई।

छोड़ो सारे अंतस मन के
लालच लोभ बुराई
प्रण करो कुछ करने का
नूतन वर्ष अब आई।

झूमो नाचो खुशी मनाओ
मत करना दंगाई
प्रेम से रहना- जीना सीखो
करना बस अच्छाई।

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  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 04/01/2019

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