मोह माया

समय बदला,सोच बदली, बदल गया इंसानl
पैसो भरी  इस  नगरी में,  पैसा है  भगवान ll
बदल गए सब रिश्ते नाते बदल गया ईमान l
चढ़ा नशा पैसो का ऐसे, बदल गयी जुबान ll

भाव नहीं पैसा है जिस पे दर्शन पहले पाता l
भक्तों को भी पैसों के तराजू में तोला जाता ll
देखा है पैसा आते ही, गुरुर  सा आ जाता है l
ये गुरुर दूजे को नहीं स्वयं को खा जाता है ll

पैसा है अपने लिए, ना कोई किसी को देता l
फिर पैसा आते ही,इंसा रूप क्यों बदल लेता ll
है जिस पैसों का घमंड वो साथ नहीं है जाना l
कर्म साथ जायेंगे, बाकि सब यही रह जाना ll

अब भी मौका है प्राणी,जीवन का ये सच जानो l
मोह माया का जाल है ये लीला उसकी पहचानों ll

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3 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 31/12/2018
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/01/2019
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 04/01/2019

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