ज़िन्दगी इक सफर सुहाना है…सी.एम्.शर्मा (बब्बू)…

ज़िन्दगी इक सफर सुहाना है….
गुनगुनाओ मधुर तराना है…..

क्या मिला और रह गया क्या है…
सोच कर ज़िन्दगी गँवाना है….

चाहतें कब कहाँ हुईं पूरी…
मन का संतोष ही खजाना है…

भूल जाओ बिछड़ गया जो भी….
क्यूँ सफर नर्क सा बनाना है….

मौत ‘चन्दर’ तेरी बने उत्सव….
कर्म ऐसे कमा के जाना है….
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/सी.एम्.शर्मा (बब्बू)

6 Comments

  1. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 31/12/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 04/01/2019
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 31/12/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 04/01/2019
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/01/2019
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 04/01/2019

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