दाव ।

ज़िंदगी दाव पर लगाता हूँ मैं हर कदम,
कभी तो हारेगी तुं, मुझे जीत कर सनम…!

मार्कंण्ड दवे । दिनांकः ३१-१०-२०१८.

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