मत छेड़ ।

फिर से मत छेड़ वही किस्सा, आँसू, आह, उदासी का…!
दम तोड़ चुकी है यादें, अभी – अभी, तेरी याद में..!

मार्कण्ड दवे । दिनांकः ३०-१२-२०१९.

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