सर झुकाते है – शिशिर मधुकर

अकेले ख्वाब बस तेरे हमें हर पल सताते हैं
तभी हम हाले दिल ए सनम तुमको सुनाते हैं

हर इंसा के सीने में छुपी कुछ बात हैं देखो
मगर हम राज़ कोई अपना ना तुमसे छुपाते हैं

याद कर वो समां जब हम तेरी बाहों में आ सिमटे
मुहब्बत का वो हसीं पल कभी हम ना भुलाते हैं

महकते फूल इस बाग ए वफा में देख आ बिखरे
तेरी यादों की डाली हम यहाँ जब भी हिलाते हैं

जब भी मौका मिला मधुकर तूने बस प्रेम ही बाँटा
तभी हम प्यार में तेरे ये अपना सर झुकाते हैं

शिशिर मधुकर

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 31/12/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/01/2019

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