प्यासा हूँ मैं – शिशिर मधुकर

शिकवे गिले मन के हैं जो सारे निकाल लो
प्यासा हूँ मैं आ के मुझे फिर से संभाल लो

बुझ सी गई है हर शमा जो संग में थी मेरे
तुम ही दिखा दो रोशनी थामे मशाल लो

कशमकश दिल की अगर ना दूर कर सको
खामोश ना सहो बस एक सिक्का उछाल लो

देखो ये रंग जीवन के कितने दूर हो गए
होली तुम्हीं अब खेल लो भर के गुलाल लो

देख लो मुझ पे असर तुम अपनी प्रीत का
चेहरे पे मधुकर आ गया खुल के जमाल लो

शिशिर मधुकर

6 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 26/12/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/12/2018
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 27/12/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/12/2018
  3. Amit bhimendra mishra 31/12/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/01/2019

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