चटक ।

बिजली सी चटक जाती है जुदाई, जीने के लिए….!
हवा के संग भेज, प्यार के छींटे, तसल्ली के लिए…!

मार्कण्ड दवे । दिनांकः २४-१२-२०१९.

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 26/12/2018
    • Markand Dave Markand Dave 27/12/2018

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