पायल….सी.एम्.शर्मा (बब्बू)…

पायल….
न जाने कितने भावों को जन्म देती है….
प्रियतमा के पैरों में….
मन के तारों को झंकृत करती है….
सांसों में स्वर सजाती है….
शब्दों को अलंकृत करती है….
रुनझुन रागों को जन्म देती है….
मन मयूर नृत्य करता है…
ग़ज़लों में उसकी झंकार भरती है …
प्रियतमा के पैरों की पायल…
सन्न सन्न करती…
दिल पर चलती सुनाई देती है…
महकती है…सन्न सन्न….

पत्नी के पाओं में जब…
यही पायल…
छनन छनन करती है…
मन में लहरें ज्वार बन उछलती हैं….
जैसे सभी बंधन तोड़ देंगी….
समर्पण को सब अर्पण कर देंगी…
अपने अहम को…
समस्त आस्तित्व को…
छन्न सी गहरे डुबो देती हैं…
पायल… छनन छन्न…

बेटी के नन्हें नन्हें पैर…
जब इठलाते चलते हैं….
मानो सभी ऋतुओं ने…
बेटी के पाओं में…
शरणागति ले ली हो…
मौसम कोई भी हो…
मन आनंद में झूमता है….
छम छम पायल…
बेटी की…
रूह को तर कर देती है…
छमा छम…
निश्छलता…निर्मलता…
रूह को वैसे ही आनंदित करती है…
जैसे राम की पैंजनियां तुलसीदास को….
लल्ला की माँ यशोधा को….
यह पैंजनियां…
मन मोहती है हर किसी का…
पैंजनियां…
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/सी.एम्.शर्मा (बब्बू)

6 Comments

  1. SALIM RAZA REWA SALIM RAZA REWA 23/12/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 24/12/2018
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/12/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 26/12/2018

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