दिल का मकान ।

दिल का मकान, तन्हाई का मारा है..!
दम का कुनबा भी, बड़ा बेसहारा है..!
गर, आ सको तो, बेझिझक आ जाओ,
कज़ा या सांस में अभी, बँटवारा है..!

मार्कण्ड दवे । दिनांकः १९-११-२०१८.

3 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 21/12/2018
    • Markand Dave Markand Dave 22/12/2018
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/12/2018

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