धैर्य – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

धैर्य मत खोना,पीठ पे रसूल है तेरा
लड़ते रहो सत्य पे ,ये उसूल है तेरा।

कत्लेआम हो रहा, तो उसे रोको तुम
असत्य हेतु जान देना, फिजूल है तेरा।

सीमा पर शहीद होना, गौरव की बात है
चंदन से बढ़कर,चरणों की धूल है तेरा।

तुम्हीं तो शान- वान और देश के जान हो
अमन चैन तुम्हीं से, हाथ त्रिशूल है तेरा।

वैरी घूम रहे, छूप कर वार करते हैं
उनको ढ़ूढ़ कर मारो, ये मूल है तेरा।

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  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 21/12/2018

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