पाने से प्यार नही मिलता

खिलते है फूल जवानी में
जब प्यार होता नादानी में

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प्यार का रंग चढ़ता जाता
प्यारों की आनाकानी में

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सीधा मार्ग में प्यार मिले
है नही मोड़ कहानी में

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पाने से प्यार नही मिलता
प्यार मिले कुर्बानी में

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कवि – मनुराज वार्ष्णेय

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