दर्द किसी का – डी के निवातिया

दर्द किसी का कोई जब समझने लगे
समझो आदमियत उसकी जगने लगे
शराफत के आसमान में कुहासा घना है
हैवानियत की गर्द भी कुछ छटने लगे !!
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डी के निवातिया

4 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 18/12/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 27/12/2018
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/12/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 27/12/2018

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