वर्ण पिरामिड – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

माँ
बेटा
ममत्व
सत्य प्रेम
खून का रिश्ता
दिल का टुकड़ा
तड़प मिलन की

दो
राही
अंजान
संकट में
साथ रहते
रिश्तों से बढ़के
दोनों फर्ज निभाते

ये
कस्ती
पानी में
नदियों से
पार लगाती
बीच भंवर से
पतवार बचाता

ये
देव
दानव
ये मानव
जीव-सजीव
आत्मा है इनमें
नहीं आती नज़र

गौ
माता
अमृत
समुद्र से
मंथन बाद
देव धरोहर
बीच हमारे आई

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 18/12/2018
  2. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 18/12/2018

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