वर्ण पिरामिड – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

हे
मन
रुक जा
सोच जरा
विचार कर
गलत ना कर
तुफान आ जायेगा

हे
राम
मुझे भी
सौगात दे
आशीर्वाद दे
भक्त हूँ तेरा मैं
मुझे अब तार दे

मैं
हारा
अभागा
इंसान हूँ
खाये ठोकरें
भटका बहुत
मुझे पहचान दे


वक्त
साथ दे
हिसाब दे
मेहनत का
मेरे जज्बात का
अब तूँ प्रमाण दे

दे
ज्ञान
भारती
सदा रहे
प्रकाश मय
मैं करूँ आरती
कौन यहाँ सारथी

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