आज बताओ ना

ये तुम ही हो ना
या कोई और बताओ ना
मैं तुम में हूँ ना
कह जाओ ना
जैसे बहकाती थी रोज मुझे
आज फिर बहकाओ ना
वो हमारा गीत फिर सुनाओ ना

मैं तो हमेशा से तुम्हारा था
तुम भी मेरी हो आज बताओ ना
देखो सो रही है रात भी
आ के मुझे जगाओ ना
चाँद अपनी चांदनी खो ना दे
आसमां कहीं अपने तारे गुम ना कर पाए
उससे पहले आ जाओ ना—अभिषेक राजहंस

3 Comments

  1. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 19/12/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 20/12/2018
  3. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 20/12/2018

Leave a Reply