शायरी- अरूण कुमार झा बिट्टू

१. जरूरी नही की हर बात मै लबो से कहू
कभी तो सनम खामोशियो की , सदाए भी सुनो

२. दिल से दिलरूबा दिलरूबा से दर्द
तो ऐ दिल सम्भल मुझको है तेरी कदर

३. ऊफ ये माशूम चेहरा , ये तीर सी निगाहे
लो लग गई मुझे अब रब मुझे बचाए

४. जिश्म की चाहत मुहाब्बत नही जनाब
मुहाब्बत तो रूह मे उतर जाने को कहते हैं

3 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 17/12/2018
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/12/2018
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 17/12/2018

Leave a Reply