दोहे – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

सत्य सनातन मधु वचन, जो सब रखते साथ
खुशियाँ वो पाते सदा, रखते जिस पर हाथ।

संतन की सेवा करो, उन पर रख कर ध्यान
गली – गली ठग घूमते, कर इनको पहचान।

भूल नहीं औकात अब, है जब तेरे पास
जितना है वो कम नहीं,फिर काहे उदास।

कहाँ रहा विश्वास अब, रहा कहाँ इंसान
बाती ले तुम ढ़ूंढते , जिसका नहीं निदान।

है दुनियाँ में आदमी, लेते मन को मोह
ऐसी – वैसी बात से ,दिल को लेते जोह।

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  1. sarvajit singh sarvajit singh 15/12/2018

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