दोहा ग़ज़ल – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

दोहा ग़ज़ल

जगमग – जगमग दीप का , आया यह त्योहार
खुशियाँ सब को भा गईं, करते सब मिल प्यार।

राम चन्द्र भगवान का, हुआ आगमन आज
गुजर बरस चौदह गये, तभी सजे घरबार।

रावन मारे राम ने, साथ रहे हनुमान
माया की नगरी ‘जली’ ,देख सभी हैरान।

झूमे – गाये लोग सब, सखियाँ नाचे आज
जगह – जगह उत्साह में, है नगरी गुलजार।

धोबी अड़चन बन गया, फिर सीता के साथ
खुशियाँ सारी मिट गयी, राम गये फिर हार।

बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु
बाढ़ – पटना

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  1. sarvajit singh sarvajit singh 15/12/2018

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