नूर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

नूर

लाखों चिराग जलाये थे हमने राहों पर
तेरे आने की खबर सुनकर
पर सारा आलम फ़ीका हो गया
तेरे चेहरे के नूर से

सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

4 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 17/12/2018
    • sarvajit singh sarvajit singh 30/12/2018
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/12/2018
  3. sarvajit singh sarvajit singh 30/12/2018

Leave a Reply