अरमान – सर्वजीत सिंह

अरमान – सर्वजीत सिंह

दिल में तुम समा गई दिल का गुमान हो गई
तुम ही मेरी जिन्दगी तुम ही मेरी जान हो गई

ना जाने कब से रूठी हुई थी मेरी किस्मत
तुम्हारे आने से वो भी अब मेहरबान हो गई

मुझे देख कर सब कहते थे पगला दीवाना
तुम्हारे साथ चलने से मेरी भी शान हो गई

तुम्हे पा कर अब सब कुछ पा लिया है मैंने
सब दुःख तकलीफें अब तो अनजान हो गई

सारी ख्वाहिशें मर चुकी थी मेरी जिन्दगी की
अब तो तुम ही मेरे जीने का अरमान हो गई

सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com
M: 9324969494

8 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 12/12/2018
    • sarvajit singh sarvajit singh 12/12/2018
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 12/12/2018
    • sarvajit singh sarvajit singh 12/12/2018
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 12/12/2018
    • sarvajit singh sarvajit singh 12/12/2018
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/12/2018
    • sarvajit singh sarvajit singh 12/12/2018

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