दकदीर – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

तुम संवारो अपनी तकदीर, रास्ता हम देंगे
बदल लेना अपनी तस्वीर, रास्ता हम देंगे।

भटक गये हो बहुत तुम, अपनों की ही चाह में
अपने कर्मो पर हो गंभीर , रास्ता हम देंगे।

तुम अपना रंज – ओ – गम, वो दुख लौटा दो मुझे
खींचकर बीच में एक लकीर, रास्ता हम देंगे।

बदसलूकी की ऐसी हम, उड़ा देंगे धज्जियां
आप रखिये थोड़ा सा धीर, रास्ता हम देंगे।

कर्म – धर्म और मर्म, तुमको सिखला देंगे हम
सीखना तुमको है तहजीब , रास्ता हम देंगे।

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 12/12/2018
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 12/12/2018

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