ख़ौफ़ ।

सिर्फ मौत का ख़ौफ़ काफ़ी नहीं, मुझे ड़राने के लिए….!
सामने आ, नज़रें मिला, बात कर, शायद मैं ड़र जाऊँ….!
मार्कण्ड दवे । दिनांकः ०५-१२-२०१८.

4 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 07/12/2018
    • Markand Dave Markand Dave 09/12/2018
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 08/12/2018
    • Markand Dave Markand Dave 09/12/2018

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