ग़मों की लज़्ज़त चुराके लेजा – सलीम रज़ा रीवा

.Nov18
ग़मों की लज़्ज़त चुराके लेजा मेरी मसर्रत चुराके लेजा
या ज़ौक़-ए-उल्फ़त चुराके लेजा या दिल की हसरत चुराके लेजा
oo
क़दम क़दम पर उजाला बन कर ये साथ देंगी तेरा हमेशा
मेरी सख़ावत चुरा के लेजा मेरी शराफ़त चुरा के लेजा
oo
बना सके तो बना ले कोई हमारे जैसा तू एक चेहरा
ये मेरी सूरत चुराके लेजा ये मेरी रंगत चुराके लेजा
oo
करम का गुलशन खिलेंगा इकदिन मुझे भरोसा है मेरे रब पर
भले ये हिम्मत चुराके लेजा भले ये ताक़त चुराके लेजा
oo
ये मेरी धड़कन ये मेरी साँसें ये जिस्‍म मेरा है इक अमानत
तू मेरी दौलत चुराके लेजा तू मेरी शोहरत चुराके लेजा
oo
मेरा हुनर तो अता-ए-रब है इसे चुराना बहोत है मुश्किल
रज़ा’ की आदत चुराके लेजा’रज़ा’की फ़ितरत चुराके लेजा
_________________________
सलीम रज़ा रीवा

10 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 06/12/2018
    • SALIM RAZA REWA SALIM RAZA REWA 06/12/2018
  2. SALIM RAZA REWA SALIM RAZA REWA 06/12/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 07/12/2018
  3. ambikesh ambikesh 07/12/2018
    • SALIM RAZA REWA SALIM RAZA REWA 09/12/2018
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 07/12/2018
    • SALIM RAZA REWA SALIM RAZA REWA 09/12/2018
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 08/12/2018

Leave a Reply