लम्हा ।

लम्हा दर लम्हा मेरे दर्द का, ख़्याल रखता हूँ मैं…!
ताउम्र हमसफर को इस तरह, खुश करता हूँ मैं…!

मार्कण्ड दवे । दिनांकः ०४-१२-२०१८.

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 05/12/2018
    • Markand Dave Markand Dave 06/12/2018

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