जनसंख्या – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

सारे समस्याओं का जड़ है जन संख्या का बढ़ जाना
समस्याओं हल करते करते आपस में ही लड़ जाना।

बेरोजगारी अराजकता मंहगाई सब के सब भारी है
गरीब किसान असहाय पिछड़े दलितों का लाचारी है।

मिलावटखोरों की हेराफेरी कालाबाजारी व्यापार है
घूसखोरी लूट डकैती अपहरण दो घारी तलवार है।

जन संख्या नियंत्रण में सारे हथगंडे हो रहे फेल
सरकारी नसबंदी हम दो हमारे दो लगा रहे तेल।

दंगा फसाद अपराधिक तत्व सब सक्रिय हो रहे
बढ़ती जनसंख्या दिन पर दिन निष्क्रिय हो रहे।

गर्भपात भ्रूण हत्या बढ़ती जनसंख्या की देन है
त्राहि त्राहि मच रही धरती पर सब कोई बेचैन है।

सवा सौ करोड़ वाली सरकार आब भी सो रही
हमारा देश समाज या हमारी धरती सब रो रही।

6 Comments

  1. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 03/12/2018
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 03/12/2018
  3. SALIM RAZA REWA SALIM RAZA REWA 03/12/2018
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 04/12/2018
  4. C.M. Sharma C.M. Sharma 04/12/2018
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 04/12/2018

Leave a Reply