इल्ज़ाम |

हम पर इल्ज़ाम है की, हम-साया न बन सके हम कभी..!
बता, कहाँ है प्यार की धूप, साये को जीने के लिए ?
मार्कण्ड दवे । दिनांकः ३०-११-२०१८.

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 03/12/2018
    • Markand Dave Markand Dave 04/12/2018

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