कुण्डलियाँ – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

चूनर धानी ओढ़ के, बैठी आँगन आय
अम्मा चाची देखके, दुल्हिन गयी लजाय।
दुल्हिन गयी लजाय, देखके अम्मा तरसे
घर आ गई बहार, खुशी से कलियाँ बरसे।
घर का करती काम, सीखिये उनसे हूनर
सब पर रखे ध्यान, चमाचम दुल्हिन चूनर।

4 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 01/12/2018
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 03/12/2018
  2. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 02/12/2018
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 03/12/2018

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