बेकाबू ।

आँधीयाँ भी पियक्कड़ हो कर, बेकाबू हो गई…!
तेरी अंगड़ाई से दिल की फ़िज़ाँ, बेकाबू हो गई…!

मार्कण्ड दवे । दिनांकः २८-११-२०१८.

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