समीक्षा- डी के निवातिया

समीक्षा

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संसद की गलियां भी कुछ अब तंग होनी चाहिए
हुक्मरानो के खिलाफ भी एक जंग होनी चाहिए
हकीकत में जो पा रहे क्या सच में पाने लायक है
इसकी समीक्षा कर सुविधाएं भंग होनी चाहिए !!
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स्वरचित :- डी के निवातिया

8 Comments

  1. Ram Gopal Sankhla रामगोपाल सांखला ``गोपी`` 27/11/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/12/2018
  2. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 28/11/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/12/2018
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 28/11/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/12/2018
  4. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 02/12/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/12/2018

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