हम-तबीयत ।

उनके अंदाज़, इशारों को, हम प्यार समझ बैठे…!
हम-तबीयत मान कर, इसे इक़रार समझ बैठे…!

मार्कण्ड दवे । दिनांकः २७-११-२०१८.

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 28/11/2018
    • Markand Dave Markand Dave 29/11/2018

Leave a Reply