मुस्कुराहटें – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

जिनकी मुस्कुराहटे अब हो गयी है खत्म
उसे आप फिर से लौटाने की बात करो।

जो बिलकुल लाचार बेवस है जमाने से
उनको अब फिर से हंसाने की बात करो।

रहते हैं क्यो खोये खोये मायूस बन कर
जिगर ए दिल को गुदगुदाने की बात करो।

हारे हुए का हौसला आप बुलंद रखिये
रूठे जिंदगी जो मनाने की बात करो।

खुशियाँ दे नहीं सकते तो खुशी मत छीनो
उजड़े से चमन को बसाने की बात करो।

खामोश रहके हौसला जाहिर नहीं होता
प्यार में अब से दिल चुराने की बात करो।

जी रहे हो क्यों बिन्दु अबतक महरूम बनके
उनके दुख को थोड़ा मिटाने की बात करो।

6 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 27/11/2018
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 28/11/2018
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 27/11/2018
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 28/11/2018
  3. Ram Gopal Sankhla रामगोपाल सांखला ``गोपी`` 27/11/2018
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 28/11/2018

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