जो मेरा बस चले – शिशिर मधुकर

जो मेरा बस चले झोली तेरी मैं प्यार से भर दूँ
तू मुझ से मांग ले जो भी तुझे हर एक वो वर दूँ

तूने अपनी मुहब्बत जिस तरह मुझ पे लुटाई है
यूँ लगे सांसें मैं अपनी सभी बस तेरे नाम कर दूँ

तू अगर साथ रहता है मुझे भी चैन मिलता है
तू अगर हाथ ना छोड़े छोड़ अपना मैं हर डर दूँ

बंदिशें इस ज़माने की मुहब्बत को सताती हैं
अगर ऐसा ना हो तेरे लिए मैं छोड़ हर दर दूँ

जहाँ मिन्नत करूँ मैं और मन की साध पूरी हो
उस दर पे मधुकर मैं सदा अपना ये सर धर दूँ

शिशिर मधुकर

6 Comments

  1. rakesh kumar rakesh kumar 23/11/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/11/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 24/11/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 24/11/2018
      • C.M. Sharma C.M. Sharma 26/11/2018
        • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/11/2018

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