गुनेहगार

तेरी उन गलियों में ,जाना बेकार ही सही
फिर करके देखेगें ,झूठा इंतजार ही सही
माना नहीं रहे निशान चाहतों के कूचों पर
फिर भी गुजरेंगे, बनकर तेरे गुनेहगार ही सही

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