दीपावली – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

अभी अभी तो दीप जला है
अभी अभी दीवाली है।
झूमो भैया बहना नाचो
चारो तरफ खुशहाली है।।

खूब पटाखे ये फुलझड़ियाँ
सब के दिल बहलायेंगे ।
खूब मिठाई खायेंगे हम
जगमग मन कर जायेगे।।

रंग बिरंगी रंगोली में
ऐसे हम खो जायेंगे।
घर में रंग पुताई करके
उसमें रंग जमायेंगे।।

लड्डू पेड़े गुलाब जामुन
रस मलाई लुभाते हैं ।
नये नये कपड़ो में सजकर
आँगन में सब आ जाते।।

धनतेरस के दिन भी आते
चहलकदमी बढ़ जाती है ।
सोने चांदी नूतन कुछ भी
लक्ष्मी माता दे जाती है ।।

लक्ष्मी गणेश की होती पूजा
याद करते ऋद्धि ऋद्धि हैं ।
धन की देवी लक्ष्मी माता
दे जाती सुख समृद्धि हैं ।।

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  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 12/11/2018

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