जो यूँ ही खरीदी जाती

जाने कौन सा दौर ,चला है जमाने का
हर किसी को चढा ,शौक आजमाने का
चाहतें जो यूँ ही खरीदी जाती साकी
क्या ज़ुनून था फिर, परवाने को जल जाने का

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