तुम्हें गर याद ना कर लूँ – शिशिर मधुकर

तुम्हें गर याद ना कर लूँ मुझे न चैन आता है
दर्द सीने में उठता है मुझे हर पल सताता है

देख के मेरी हालत को वो कई तंज़ कसते है
वही तो प्रेम समझेगा कहीं जो दिल लगाता है

भले तुम दूर बैठे हो ना फिर नज़दीक आओगे
ये मन तुमसे मिलन के पर सदा सपने सजाता है

तुम्हें मालूम है ना तुम मेरे सीने की धड़कन हो
दीवाना हर घड़ी तब ही तुम्हें झुककर मनाता है

अपनी तो तुम्हीं जानो ना जाने कैसे हँसते हो
दर्द ये हिज्र का सारा तन्हा मधुकर उठाता है

शिशिर मधुकर

8 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 26/10/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/10/2018
  2. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 26/10/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/10/2018
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/10/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/10/2018
  4. C.M. Sharma C.M. Sharma 29/10/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/10/2018

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