अगर तुम पास रहते हो – शिशिर मधुकर

अगर तुम पास रहते हो मुझे खुशबू सी आती है
तेरे दिल की तमन्ना जो मुझे खुल कर बताती है

अगर तुम दूर रहते हो तन्हाई मुझको डसती है
तेरी बाहों से घिरने की चाह मुझ को सताती है

तू खुद से पूछ ले मैंने तुझे धोखा दिया है क्या
मुझे आवाज़ दे के जब भी तू जल्दी बुलाती है

तेरी मुस्कान का जादू समझ ना आएगा सबको
ज़रा सा हँस के जो तू मेरे गुलशन को खिलाती है

नशा ऐसा नहीं देखा ज़रा मधुकर से तुम पूछो
जाम वो अपनी आँखों से उसे जब भी पिलाती हैं

शिशिर मधुकर

4 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 25/10/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/10/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 27/10/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/10/2018

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